मिसाइल मैन को नमन: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम एक कविता
जानें कैसे 'मिसाइल मैन' के जीवन के चारों दिशाओं के सफर ने भारत को आत्मनिर्भर बनाया और युवाओं को नई राह दिखाई।"
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रामेश्वरम की गलियों से राष्ट्रपति भवन तक का सफर
मिसाइल
मेन
कलाम,
दिलाई
भारत
को
नई
पहचान |
दक्षिण(रामेश्वरम) मे
जन्म
लिया,
पश्चिम
(पोखरण) मे
परमाणु
परिक्षण
किया,
उत्तर
(दिल्ली) से
देश
का
नेतृत्व
किया,
पुरब
(बालासोर
) मे मिसाइल परिक्षण किया,
उत्तर -पुरब
(शिलॉन्ग
) मे
अंतिम
साँस
ली |
अग्नि
की
उड़ान, अदम्य साहस, तेजस्वी
मन पुस्तके लिखी,
जिससे करोड़ो
युवाओ
को
प्रेरणा
मिली |
अग्नि, आकाश, त्रिशूल
बनाकर,
देश
को
आत्मनिर्भर
बनाया |
देश
के
नेतृत्व
के
बाद
भी,
युवाओ
का
नेतृत्व
जारी
रखा |
बहुत
मुश्किल
होता
है
परिवार
को
संजोए
रखना,
आपने
देश
को
ही
परिवार
बना
दिया |
हर
भारतीय
को
नई
राह
दिखाने
वाले
,
भारत
रत्न
कलाम
को,
शत-शत
नमन |
-
हितेश टीकमचंदजी जैन
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