मिसाइल मैन को नमन: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम एक कविता

 

जानें कैसे 'मिसाइल मैन' के जीवन के चारों दिशाओं के सफर ने भारत को आत्मनिर्भर बनाया और युवाओं को नई राह दिखाई।"

                                            For YouTube channel  CLICK HERE

रामेश्वरम की गलियों से राष्ट्रपति भवन तक का सफर

मिसाइल मेन कलाम,

दिलाई भारत को नई पहचान |

दक्षिण(रामेश्वरम) मे जन्म लिया,

पश्चिम (पोखरण)  मे परमाणु परिक्षण  किया,

उत्तर (दिल्ली) से देश का नेतृत्व किया,

पुरब (बालासोर )  मे मिसाइल परिक्षण किया,

उत्तर -पुरब (शिलॉन्ग ) मे अंतिम साँस ली |

अग्नि की उड़ान,  अदम्य साहस,  तेजस्वी मन पुस्तके  लिखी,

जिससे  करोड़ो युवाओ को प्रेरणा मिली |

अग्नि, आकाश, त्रिशूल बनाकर,

देश को आत्मनिर्भर बनाया |

देश के नेतृत्व के बाद भी,

 युवाओ का नेतृत्व जारी रखा |

बहुत मुश्किल होता है परिवार को संजोए रखना,

आपने देश को ही परिवार बना दिया |

हर भारतीय को नई राह दिखाने वाले ,

भारत रत्न कलाम को, शत-शत नमन |

-       हितेश टीकमचंदजी जैन


Find Books by Dr kalam on AMAZON

Comments